
अजीत मिश्रा (खोजी)
।। सुविधाएं ‘शून्य’ और टैक्स का ‘पहाड़’, कप्तानगंज नगर पंचायत में सभासदों का हल्ला बोल।।
कप्तानगंज (बस्ती): नगर पंचायत कप्तानगंज में इन दिनों विकास की जगह विवाद की बयार बह रही है। जनता पर थोपे गए ‘होम टैक्स’ को लेकर सभासदों ने मोर्चा खोल दिया है। बिना बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराए टैक्स की रसीदें थमाने पर भड़के सभासदों ने अधिशासी अधिकारी (EO) शिव प्रताप सिंह को ज्ञापन सौंपकर अपनी नाराजगी जाहिर की और इस फैसले को जनविरोधी करार दिया।
सदन को अंधेरे में रखने का आरोप
सभासदों का सबसे गंभीर आरोप यह है कि टैक्स का प्रस्ताव सदन को गुमराह करके पास कराया गया है। सभासदों ने दोटूक कहा, “या तो हमें इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई, या फिर तथ्यों को छिपाकर आधी-अधूरी जानकारी के साथ प्रस्ताव करा लिया गया।” उन्होंने साफ किया कि जनता के हितों की बलि चढ़ाकर किसी भी प्रकार की वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कागजों में ‘झोल’, जनता पर ‘बोझ’
नगर पंचायत की लापरवाही का आलम यह है कि जो रसीदें मकान मालिकों को बांटी गई हैं, उनमें भारी खामियां हैं:
नामों की अदला-बदली: किसी का नाम गलत है, तो किसी का मकान किसी और के नाम दर्ज कर दिया गया है।
मनमाना टैक्स: छोटे-छोटे घरों पर भारी-भरकम धनराशि थोप दी गई है, जो शासनादेश के नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ा रहा है।
सुविधा का अभाव: स्थानीय निवासियों का सवाल है कि जब नाली, सड़क, पानी और सीवर जैसी मूलभूत सुविधाएं ही दुरुस्त नहीं हैं, तो फिर टैक्स किस बात का?
“बिना सुविधा दिए टैक्स वसूलना अन्याय है। हम इस टैक्स का पुरजोर विरोध करते हैं और मांग करते हैं कि इस पर तत्काल पुनर्विचार किया जाए।” — संयुक्त बयान, सभासद गण
ज्ञापन सौंपने वाले मुख्य चेहरा
अधिशासी अधिकारी को ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से सूर्य मणि चौधरी, रामजीत चौधरी, लक्ष्मी त्रिपाठी, फूलकला, रत्नावली, आशा देवी और अश्वनी वर्मा सहित कई सभासद शामिल रहे। सभासदों ने चेतावनी दी है कि यदि टैक्स वसूली को अग्रिम समय तक रोककर इस पर पुनर्विचार नहीं किया गया, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।




















